Saturday, 1 December 2018

न्यूटन का गति के नियम Newton's laws of motion in hindi

न्यूटन के गति के नियम भीतिकशास्त्र के महत्वपूर्ण नियम में से एक है, इन्होंने सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्रतिपादित किया था।


न्यूटन का गति के नियम Newton's laws of motion in hindi
न्यूटन का गति के नियम Newton's laws of motion in hindi

सर आइजेक न्यूटन एक महान वैज्ञानिक, भीतिकशास्त्री और गणितज्ञ थे, वह इंग्लैंड के महान वैज्ञानिक थे, सर आइजेक न्यूटन सन 1687 में अपनी पुस्तक प्रिंंसिपिया में गति के नियम का वर्णन किया था और उन्ही के नाम पर इन नियमो को न्यूटन का गति के नियम (Newton's laws of motion in hindi) दिया गया।

न्यूटन का गति के नियम/Newton ka gati ke niyam/Newton's laws of motion in hindi


न्यूटन के गति के नियम तीन प्रकार के है जिसे इस लेख के माध्यम से समझते है।

न्यूटन के गति का पहला नियम/Newton ke gati ka pahla niyam /Newton first law of motion


न्यूटन के पहले नियम के अनुसार, यदि कोई भी वस्तु विराम अवस्था यानी रुकी हुई है तो वह विराम अवस्था मे ही रहेगी और यदि वह समान चाल से सीधी रेखा में चल रही है तो वैसे ही चलती रहेगी जब तक उस पर कोई बाहरी बल उस वस्तु को रोकने के लिए काम न करे, इस नियम को न्यूटन का गति का पहला नियम, गैलीलियो का नियम और जड़त्व का नियम भी कहते हैं।

न्यूटन के गति का पहले नियम के उदाहरण

  • रुकी हुई मोटर या रेलगाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे हुए यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं।
  • चलती हुई मोटर या रेलगाड़ी के अचानक रुकने पर उसमें बैठे हुए यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं।
  • कंबल को डंडे से पीटने पर उसके धूल के कण झाड़ कर गिर जाते हैं
  • मैदान में लुढ़कती बॉल हुई घर्षण बल के विपरीत प्रभाव के कारण रुक जाती है।
  • हथौड़े में लगे हुए हत्थे को जमीन पर मारने पर हथोड़ा हत्थे मे कस जाता है।
  • बंदूक की गोली किसी कांच पर मारने पर कांच में गोल छेद होता है परंतु पत्थर मारने पर वह टुकड़े-टुकड़े हो जाता है।

न्यूटन के गति का दूसरा नियम/Newton ke gati ka dusra niyam /Newton second law of motion


न्यूटन के दूसरे नियम के अनुसार, किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस वस्तु पर आरोपित बल के समानुपाती होता है तथा संवेग परिवर्तन की दिशा में होता है।
                                       या
किसी वस्तु पर आरोपित बल उस वस्तु के द्रव्यमान तथा उसमें बल की दिशा में उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।

यदि किसी वस्तु पर आरोपित बल (F), वस्तु का द्रव्यमान (m) और त्वरण (a) हो, तो
                                    F=ma

न्यूटन के गति का दूसरे नियम के उदाहरण


  • किसी रेलगाड़ी को आगे से खींचना आसान और पीछे से धक्का ना कठिन होता है।
  • सामान वेग से आती हुई लेदर अगेन और टेनिस गेम में से टेनिस गेम को किस करना आसान होता है क्योंकि वह हमारे हाथों को कम आघात पहुंचाती है।
  • बहती हुई नदी या रुके हुए पानी वाले तालाब पर हाथ को तिरछा करके पत्थर फेंकने पर फेका हुआ पत्थर उस पर टिप खाते हुए दौड़ता है।


न्यूटन के गति का तीसरा नियम/Newton ke gati ka tisra niyam /Newton third law of motion


न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर परंतु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
                                         या
जब कोई पिंड दूसरे पिंड पर बल लगाता है तो दूसरा पिंड भी पहले पिंड पर उतना ही बल विपरीत दिशाा में लगाता है।




न्यूटन के गति का तीसरे नियम के उदाहरण

  • टेबल पर हथेली मारने पर चोट लगना
  • नाव के किनारे पर कूदने पर नाका पीछे की ओर जाना
  • रॉकेट को उड़ाने में 
  • बंदूक से चलाई गई गोली व्यक्ति को पीछे की ओर धक्का लगना
  • गाड़ी को खींचने के लिए घोड़ा अपनी पिछली टांगो से बल लगाता है जिससे गाड़ी आगे की ओर बढ़ती है।
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